अगर आपको भी बेचनी हैं अपनी कार तो इस आईडिया का करें इस्तेमाल …..नई कार खरीदने के बाद कुछ लोगों को पसंद नहीं आती है और उसे बेचने की सोचते हैं. लेकिन अगर उस कार को लोन पर लिया हुआ है, तो ऐसे में उसे बेचने में काफी मुश्किल होती है. अगर आप लोन पर ली हुई कार बेचना या खरीदना चाहते हैं, तो ये थोड़ा मुश्किल तो है, लेकिन असंभव नहीं है. बैंक आपको ऐसी हालत में कुछ विकल्प देते हैं. लेकिन कई लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं होती है. आइए जानते है लोन वाली कार को बेचने के तरीके

सही व्यक्ति का चुनाव जरूरी : कार पर अगर लोन चल रहा है, तो आपको कार लोन ट्रांसफर करने को लेकर कुछ विकल्प मिलते हैं, लेकिन ये इतनी आसान प्रक्रिया नहीं है कि गाड़ी दिखाई, पैसे लिए, बिक्रीनामे और आरसी ट्रांसफर के डॉक्यूमेंट्स पर साइन किए और गाड़ी बिक गई। कार लोन ट्रांसफर करने के लिए आपकी सही व्यक्ति का चुनाव करना पड़ता है. साथ ही, कार रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस भी नए खरीदार के नाम पर ट्रांसफर करना पड़ता है.

लोन ट्रांसफर पड़ता है महंगा : इसके लिए विक्रेता को लोन ट्रांसफर, बैंक की प्रोसेसिंग फीस, कार रजिस्ट्रेशन और कार इंश्योरेंस ट्रांसफर जैसे खर्चे वहन करने पड़ते हैं. इन सभी खर्चों के चलते ही लोन ट्रांसफर की प्रक्रिया को खरीदार के लिए महंगी बना सकते हैं, इसके लिये कार खरीदार या विक्रेता खर्चों को साझा करने के लिये कह सकता है.

आरसी ट्रांसफर कराना न भूले : लोन ट्रांसफर कराने के साथ आपको खरीदार के नाम पर आरसी ट्रांसफर करवानी भी जरूरी है. आरटीओ ऑफिस में विजिट करके आप इस प्रक्रिया को समझ सकते हैं। आरटीओ में कार ट्रांसफर प्रक्रिया के लिए आपको कुछ चार्जेज देने पड़ सकते हैं. बैंक जब खरीदार की लोन वापस चुकाने की क्षमता की जांच के बाद जैसे ही बाकी दस्तावेजी प्रक्रियाएं पूरी कर लेता है, तो नए मालिक के नाम पर ‘रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट’ जारी कर दिया जाता है.

मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी का रखें ध्यान यह सुनिश्चित करें कि आरसी ट्रांसफर के साथ ही मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी भी नए खरीदार के नाम पर ट्रांसफर करवा दें. ताकि आपको आगे इंश्योरेंस प्रीमियम की किश्तें न चुकानी पड़ें. कार का रजिस्ट्रेशन और लोन के ट्रांसफऱ होते ही बीमा कंपनी को संबंधित डॉक्यूमेंट्स जैसे नए लोन डॉक्यूमेंट्स, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट आदि उपलब्ध कराएं. बीमा कंपनी से मंजूरी मिलते ही इंश्योरेंस नए खरीदार के नाम पर ट्रांसफर हो जाएगा.

अगर खरीद रहे हैं यूज्ड कार तो क्या करे पुरानी कार के खरीदार को भी यूज्ड कार लोन के लिये आवेदन करना होगा. हालांकि बैंक नई कार के मुकाबले पुरानी कार के लोन पर ज्यादा ब्याज वसूलते हैं. ज्यादातर बैंक यूज्ड कार लोन केवल पांच साल के लिये ही देते हैं, हालांकि यह इस पर निर्भर करता है कि कार कितनी पुरानी है. अगर कार ज्यादा पुरानी है, तो बैंक तीन से चार साल के लिये ही लोन दे सकता है. इसके लिये खरीदार चाहे तो मौजूदा बैंक से भी लोन ले सकता है, या अपनी पसंद के मुताबिक नया बैंक भी चुन सकता है.

मौजूदा लोन एग्रीमेंट की डिटेल्स करें चेक : दूसरे व्यक्ति को लोन ट्रांसफर करने से पहले आप अपनी गाड़ी के लोन डॉक्यूमेंट को अच्छे से जांच लें. लोन के कागजातों में ही लिखा होता है कि आप लोन को किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर कर सकते हैं या नहीं. अगर आपको कागजों में यह विकल्प नहीं मिलता है, तो लोन देने वाले बैंक से संपर्क करके जानकारी लें कि क्या यह विकल्प आपके लिये उपलब्ध है, साथ ही नियम और शर्तें भी पूछना न भूलें.

जांचे खरीदार की क्रेडिट हिस्ट्री : लिसी मंत्रा के सीईओ अंशुल आनंद के मुताबिक जिस व्यक्ति को कार बेचनी है, पहले उसकी आय की जांच करने के साथ उसकी क्रेडिट हिस्ट्री भी जांच लें कि वह लोन के योग्य है या नहीं. जरूरी है कि उसकी रेगुलर आय हो और अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री के साथ जरूरी दस्तावेज जैसे इनकम प्रूफ, रेजिडेंस प्रूफ आदि भी हों. अंशुल का कहना है कि बैंक आपसे कार खरीदने वाले व्यक्ति का क्रेडिट मूल्यांकन करेगा और उसके लोन चुकाने की क्षमता और क्रेडिट हिस्ट्री से संतुष्ट होने के बाद ही लोन को मंजूरी देगा. साथ ही गाड़ी खरीदने वाले को बैंक की आवश्यकता के अनुसार केवाईसी भी करवाना पड़ सकता है.

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