सहारनपुर। अयोध्या मामले में इन दिनों इलैक्ट्रानिक मीडिया पर चल रही बहस और नेताओं द्वारा आयेदिन की जा रही बयानबाजी की उलमा ने कड़े शब्दों में निंदा की है। उलमा ने राष्ट्रपति व चीफ जस्टिस से कोर्ट के बाहर अयोध्या मामले में गैर जरूरी बयानबाजी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
तंजीम उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अहमद खिजर शाह मसूदी ने कहा कि अयोध्या मामला देश की सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर बहस करना मुल्क की न्याय व्यवस्था पर चोट और न्यायपालिका का अपमान है। कहा कि अदालत को धमकाने वाली बयानबाजी करने वालों के खिलाफ राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को संज्ञान लेना चाहिए और ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना चाहिए।

जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मौलाना हसीब सिद्दीकी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मंदिर-मस्जिद के के मामले में आने वाले निर्णय पर देश ही नहीं बल्कि इस्लामिक जगत और पूरी दुनिया की नजरें लगी है। कहा कि जो लोग सुप्रीम कोर्ट को चेतावनी दे रहे हैं या अदालत से बाहर अध्यादेश लाने की बात कर रहे हैं उन्हें अदालत पर भरोसा उठ गया है। मौलाना ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन मामले पर किसी भी तरह की बहस और बयानबाजी न्यायालय की तौहीन है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here