अगर आंख फड़कने का मतलब आपको भी यही लगता है कि यह किसी शुभ या अशुभ बात की निशानी है, तो आप गलत हो सकते हैं। जी हां, आंख फड़कने का कारण आपकी सेहत भी हो सकती है।

आपने कई लोगों को आंख फड़कने को किसी शुभ या अशुभ बात से जोड़ते देखा व सुना होगा। अगर आंख फड़कने का मतलब आपको भी यही लगता है कि यह किसी शुभ या अशुभ बात की निशानी है, तो आप गलत हो सकते हैं। जी हां, आंख फड़कने का कारण आपकी सेहत भी हो सकती है। अगर आपको भी इस बात पर दुवाधा रहती हैं कि आंख क्यों फड़कती है? तो आइए, आज हम आपको आंख फड़कने के 5 असल कारण बताते हैं –

आंखों की परेशानी: आंखों की मांसपेशियां काफी सेंसटिव होती हैं। इनमें किसी भी तरह की समस्या आंख फड़कने का कारण हो सकती है। अगर लंबे समय से आपकी आंख फड़क रही है, तो एक बार आंखों की जांच जरूर करवा लें। हो सकता है आपको चश्मा लगाने की जरूरत हो या आपके चश्मे का नंबर बलने वाला हो।

पोषण : शरीर में मैग्नीशियम की कमी होने पर आंख फड़कने की समस्या पैदा सकती है। इसके अलवा अत्यधिक कैफीन का शराब का सेवन र्भी इस समस्या को जन्म देता है।

तनाव: तनाव के कारण भी आपकी आंख फड़क सकती है। खास तौर से जब तनाव के कारण आप चैन से सो नहीं पाते और आपकी नींद पूरी नहीं होती, तब आंख फड़कने की समस्या हो सकती है।

थकान: अत्यधिक थकान होने पर आंखों में भी समस्याएं होती हैं। इसके अलावा आंखों में थकान या कम्यूटर, लैपटॉप पर ज्यादा देर काम करते रहने से भी यह समस्या हो सकती है। इसके लिए आंखों को आराम देना जरूरी है।

सूखापन: आंखों में सूखापन होने पर भी आंख फड़कने की समस्या होती है। इसके अलावा आंखों में एलर्जी, पानी आना, खुजली आदि समस्या होने पर भी ऐसा हो सकता है।

-अगर आप आंखों के फड़कने की वजह से परेशान है तो घबराइए मत बल्कि अपनी उंगलियों की मदद से आंखों के आस-पास की मांसपेशियों पर हल्की-हल्की मॉलिश कीजिए। कुछ ही देर में आंखों का फड़कना बंद हो जाएगा।

-इसके अलावा आंखों के फड़कने पर उसे गुनगुने पानी से धोने से भी काफी आराम मिलता है।

-आंखों के छोटे-मोटे एक्सरसाइज, जोर-जोर से पलकें झपकाने से और आंखों को अधखुली अवस्था में रखने से भी इस समस्या से निजात मिलती है।

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