कमर कम करने के योग नवासन –

नवासन या नौकासन योग पतली कमर को पाने के लिए बहुत ही लाभदायक योग होता हैं। नवासन रेक्टस और अनुप्रस्थ एब्डोमिनिस को सक्रिय करता है और पेट, कूल्हे लचीला बनता, रीढ़ को मजबूत करता है। यह तनाव दूर करने में मदद करता है और पाचन में सुधार करता है। कमर की चर्बी को कम करता है और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करता है। यह आसन पैर की मांसपेशियों को भी टोन करता है। नवासना करने के लिए आप एक योगा मैट को बिछा के दोनों पैरों को अपने सामने सीधा करके बैठ जाएं। अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा और दोनों हाथों को सीधा जमीन पर रखें। अब दोनों पैरों को सीधा रखें हुए ऊपर उठायें।

संतुलन बनाने के लिए आप थोड़ा सा पीछे की ओर झुक जाएं और हाथों को अपने आगे की ओर सीधा रखें। इस मुद्रा में पैरों और शरीर के ऊपरी हिस्से के बीच कमर पर 45 डिग्री का कोण बनेगा।

वीरभद्रासन

वीरभद्रासन 2 योग कमर को कम करने के लिए एक बहुत ही प्रभावी योग आसन है। यह पेट और जांघों के लिए बहुत प्रभावी है। यह कूल्हों को खोलता है और पेट की मांसपेशियों को काम करता है। वीरभद्रासन 2 योग विशेष रूप से आंतरिक जांघों और कमर पर काम करता है। इस आसन की सबसे अच्छी बात यह है कि दोनों पैरों को एक ही समय में एक साथ कसरत मिलती है। वीरभद्रासन-2 करने के लिए आप सबसे पहले एक साफ स्थान पर योगा मैट को बिछा के उस पर दोनों पैरों को 3 से 3.5 फिट फैला लें खड़े हो जाएं। दोनों हाथों को सीधा जमीन के समान्तर करें और दाएं पैर के पंजे को 90 डिग्री और बाएं पैर के पंजे को 45 डिग्री घुमाएं।

अपने सिर को भी दाएं पैर की दिशा में घुमाएं और दाएं पैर के घुटने को 90 डिग्री मोड़ लें। इस स्थिति में आप 30 से 60 सेकंड तक रहें।

त्रिकोणासन

कमर को पतली करने के लिए त्रिकोणासन योग बहुत ही अच्छा योग आसन है। यह योग आंतरिक जांघों और पेट की मांसपेशियों को खींचने और रीढ़ को मजबूत करने में भी बेहद फायदेमंद है। त्रिकोणासन योग कूल्हों, हैमस्ट्रिंग, कंधे, छाती और पिंडलियों को खोलता है साथ में कमरे क्षेत्र से वसा कम करने में भी मदद करता हैं। त्रिकोणासन योग को करने के लिए आप एक योगा मैट पर दोनों पैरों को दूर-दूर करके सीधे खड़े हो जाएं, अपने दाएं पैर के साइड झुकें और हाथ को जमीन पर रखें। अब दूसरे हाथ को ऊपर करके सीधा करें जिससे दोनों हाथ एक सीधी रेखा में हो जाएं। कुछ देर इस आसन में रहें, अगर आपको जमीन पर हाथ रखने में कठिनाई होती हैं तो आप हाथ को पैर के ऊपर रख सकते हैं।

जानुशीर्षासन

यदि आप अपनी कमर में जमे अतिरिक्त वसा को कम करना चाहते हैं तो आपके लिए जानुशीर्षासन योग एक अच्छा विकल्प हो सकता हैं। जानुशीर्षासन योग ना केवल कमर के बढ़े हुए घेरे को कम कम करने में मदद करता है बल्कि यही आपके पेट को भी कम करता हैं। यह आसन कूल्हे की हड्डी और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है। यह कब्ज को रोकता है और पेट के क्षेत्र में रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है। जानुशीर्षासन योग रीढ़ की हड्डी को और अधिक लचीला बनाता है और कूल्हों से अतिरिक्त वसा को भी कम करता है। जानुशीर्षासन करने के लिए आप किसी साफ स्थान पर योगा मैट को बिछा के दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा करके बैठ जाएं।

अब अपने दाएं पैर को मोड़ के बाएं पैर की जांघ पर रखें। अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर करें सीधा खड़ा करें। अब अपने ऊपर के शरीर को बाएं पैर की ओर नीचे झुकाएं और बाएं पैर के पंजें को पकड़ लें। अपने सिर को बाएं पैर के घुटने पर रख लें। इस मुद्रा में रहते हुयें 5 से 10 बार साँस लें।

वीरभद्रासन योग

कमर के आसपास की एक्ट्रा चर्बी को कम करने के लिए वॉरियर पोज़ (वीरभद्रासन) सबसे अच्छे पोज़ में से एक है। यह हाथ, कंधे, पैर और एब्डोमिनल को मजबूत और टोन करता है। यह छाती को खोलता है और आपके शरीर के प्रत्येक क्षेत्र में उचित रक्त प्रवाह सुनिश्चित करता है। वीरभद्रासन करने के लिए आप एक साफ स्थान पर योगा मैट को बिछा के उस पर सीधे खड़े हो जाएं। अपने दोनों पैरों के बीच लगभग 3.5 फिट की दूरी रखें। अब अपने दोनों हाथों की हथेलियों को उठा के अपने सिर के ऊपर जोड़ लें। इसके बाद अपने दाएं पैर के पंजे को 90 डिग्री के कोण पर घुमाएं और बाएं पैर के पंजे को 45 डिग्री घुमा लें।

फिर अपने सिर को भी अपने दायं पैर की ओर घुमाएं और दाएं घुटने से पैर को मोड़ के जांघ को फर्श के समान्तर आयें। अब अपने सिर को पीछे की ओर झुका दें और आसमान की ओर देखें। इस मुद्रा में आप 40 से 60 सेकंड तक रहें। फिर से यही पूरी क्रिया दूसरे वाले पैर से करें।

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