बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार में मंत्री डीके शिवकुमार कांग्रेस के लिए एक बार फिर चाणक्य साबित हुए हैं। डीके शिवकुमार ने अपने चुनावी रणनीति की वजह से बीजेपी की मजबूत सीट पर जीत हासिल की। शिवकुमार ने अपनी रणनीति की वजह से बेल्लारी सीट जिसे की विपक्ष का गढ़ माना जाता था उसे जीत लिया है। और रामनगर विधानसभा सीट पर कांग्रेस को विजयी बनाकर पार्टी में खुद का कद और ऊंचा और मबजूत कर दिया है। कर्नाटक सरकार मंत्री शिवकुमार ने बेल्लारी सीट पर ऐसी चाल चली की विपक्ष को कुछ समझ में ही नहीं आया। 14 साल बाद कांग्रेस पार्टी ने इस सीट पर जीत दर्ज की है। इस सीट से कांग्रेस प्रत्याशी ने 2.4 लाख वोटों सो जीत दर्ज की।

बता दें कि 1999 में सोनिया गांधी ने यहां चुनाव लड़ा था तब उन्होंने 56 हजार वोटों से जीत हासिल की थी। लेकिन बार की जीत ने सोनिया गांधी की जीत को भी पीछे छोड़ दिया है। बेल्लारी सीट पर पार्टी ने इतिहास रचा ही था तब तक दूसरी खुशखबरी रामनगर विधानसभा सीट से मिल गई। यहां चुनाव के दो दिन पहले बीजेपी का उम्मीदवार कांग्रेस में शामिल हो गया। जिसकी वजह से जेडीएस-कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार अनीता कुमारस्वामी ने शानदार तरीके से जीत हासिल कर लीं। हालांकि यहां पर शिवकुमार का हस्तक्षेप का कोई मतलब नहीं था क्योंकि बीजेपी उम्मीदवार की तुलना में अनीता कुमारस्वामी की लोकप्रियता ज्यादा थी।

कांग्रेस के चुनाव प्रचार कमेटी के महासचिव मिलिंद धर्मसेना ने कहा कि शिवकुमार को जिस क्षेत्र की जिम्मेदारी मिलती है, उसके लिए वह जमकर होमवर्क करते हैं। वह पार्टी की ताकत और कमजोरी को समझते हैं फिर जिम्मेदारी बांटते हैं। बेल्लारी सीट पर भी शिवकुमार ने पार्टी वर्करों के साथ जमकर रणनीति बनाई और स्थानीय नेताओं को अपने साथ लिया और फिर जीत हासिल हुई।

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