बवासीर (पाइल्स Piles) बेहद ही पीडादायी बिमारी हैं जिसका दर्द असहनीय होता हैं। यह दो तरह कि होती हैं अंदरूनी और बाहरी। अंदरूनी बवासीर में मलाशय के पास की नसों में सूजन आने लगती हैं और बाहरी बवासीर में गूदे के बाहर सूजन आती हैं। बवासीर की बिमारी होने पर इसका जल्द इलाज होना जरूरी है अन्यथा यह बढ़ते हुए खुनी बवासीर का रूप ले लेती हैं जो कि बेहद कष्टकारी होती हैं। इसलिए आज हम आपके लिए कुछ ऐसे आयुर्वेदिक नुस्खे लेकर आए हैं जिनकी मदद से बवासीर की इस समस्या का जड़ से सफाया किया जा सकता हैं। तो आइये जानते हैं इन नुस्खों के बारे में..

जामुन

जामुन की गुठली और आम की गुठली के अंदर का भाग सुखाकर इसको मिलाकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को एक चम्मच की मात्रा में हल्के गर्म पानी या छाछ के साथ सेवन करने से खूनी बवासीर में लाभ होता है।

इसबगोल

इसबगोल भूसी का प्रयोग करने से से अनियमित और कड़े मल से राहत मिलती है। इससे कुछ हद तक पेट भी साफ रहता है और मस्सा ज्यादा दर्द भी नही करता।

बड़ी इलायची

बड़ी इलायची भी बवासीर को दूर करने का बहुत ही अच्छा उपचार है। इसे सेवन करने के लिए लगभग 50 ग्राम बड़ी इलायची को तवे पर रखकर भूनते हुए जला लीजिए। ठंडी होने के बाद इस इलायची को पीस लीजिए। रोज सुबह इस चूर्ण को पानी के साथ खाली पेट लेने से बवासीर ठीक हो जाता है।

नींबू

डेढ़-दो कागजी नींबू अनिमा के साधन से गुदा में लें। 10-15 मिनट के अंतराल के बाद थोड़ी देर में इसे लेते रहिए उसके बाद शौच जायें। यह प्रयोग 4-5 दिन में एक बार करें। इसे 3 बार प्रयोग करने से बवासीर में लाभ होता है।

जीरा

करीब दो लीटर मट्ठा लेकर उसमे 50 ग्राम पिसा हुआ जीरा और थोडा नमक मिला दें। जब भी प्यास लगे तब पानी की जगह यह छाछ पियें। चार दिन तक यह प्रयोग करने से बवासीर के मस्से ठीक हो जाते है। या आधा चम्मच जीरा पावडर को एक गिलास पानी में डाल कर पियें।

किशमिश

रात को 100 ग्राम किशमिश पानी में भिगों दें और इसे सुबह के समय में इसे उसी पानी में इसे मसल दें। इस पानी को रोजाना सेवन करने से कुछ ही दिनों में बवासीर रोग ठीक हो जाता है।

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