गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की हालत बहुत नाजुक होती है। ऐसे में अपना ध्यान रखना ही अपने गर्भ में पल रहे बच्चे का भी ध्यान रख पाएंगी। यही कारण है कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं की सेहत को लेकर उनके आस-पास के लोग भी सक्रिय हो जाते हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान ज्यादातर महिलाओं को शुगर लेवल बढ़ने की शिकायत हो जाती है। आपको बता दें कि, मुख्य कारण होता है उनमें गलत चीजों का खान-पान। इसलिए जब भी महिलाएं डॉक्टर के पास चेकअप के लिए उनसे अपनी डाइट को लेकर भी सलाह ले लें

हालांकि, बहुत सी महिलाएं जानती हैं कि उन्हें प्रेग्नेंसी में कब और क्या खाना चाहिए। लेकिन इसके बावजूद भी वह आलू खाना ज्यादा पसंद करती है। कम ही लोगों को शायद इस बारे में कोई जानकारी होगी कि गर्भावस्था के समय महिलाओं को आलू भी अपनी डाइट में कम देना चाहिए या हो सके तो इसे खाने से बचे। हाल ही में एक शोध के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है कि, प्रग्नेंसी में आलू खाने की वजह से महिलाओं में डायबिटीज का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है।

बता दें कि, इंसुलिन हार्मोन का लेवल कम होने के कारण डायबिटीज की शिकायत होने लगती है। यह कई तरह की होती है, आमतौर पर लोगों को टाइप-1 और टाइप-2 की डायबिटीज ही होती है। लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान जेस्टेशनल डायबिटीज की समस्या महिलाओं में होने लगती है। इसका कारण होता है कि उनके खून में चीनी की मात्रा काफी बढ़ जाती है। इस शोध के मुताबिक, महिलाएं अगर आलू की जगह अपनी डाइट में हरी सब्जियों का सेवन बढ़ा देंगी तो यह उनके होने वाले बच्चे को भी कई पौष्टिव तत्व देगी।

यह शोध हावर्ड यूनिवर्सिटी और यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में किए गए हैं। वर्ष 1991 से लेकर 2001 तक विशेषज्ञों ने करीब 1500 महिलाओं पर यह अध्ययन किया। शुरूआत के समय में उन्हें किसी भी तरह की डायबिटीज नहीं थी, लेकिन जब उन्होंने कुछ वक्त तक आलू का सेवन शुरू किया तो उनकी बॉडी में शुगर की मात्रा भी बढ़ने लगी।

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