छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम रमन सिंह सरकार के कार्यकाल में तीन साल पहले सामने आए नान घोटाले यानी नागरिक आपूर्ति निगम घोटाले में कार्रवाई हुई है. इसमें इकोनॉमिक ऑफेन्सेस विंग के पूर्व पूर्व एडीजी और छत्तीसगढ़ के डीजी पर कार्रवाई की गई है.

छत्तीसगढ़: नान घोटाला मामले में कार्रवाई, EOW के पूर्व ADG और छत्तीसगढ़ के DG पर FIR दर्ज. https://t.co/tixzhdbMkO pic.twitter.com/UNz3PU8tW0
— News18 India (@News18India) February 8, 2019

3600 करोड़ के इस घोटाले के तार रमन सिंह और उनके कई बड़े अफसरों तक पहुंच रहे हैं. जनवरी में राज्य में आई भूपेश बघेल की कांग्रेसी सरकार ने इस घोटाले की जांच नए सिरे शुरू करने के लिए नई एसआईटी का गठन किया है.

बता दें कि 12 फरवरी 2015 को एंटी करप्शन ब्यूरो और आर्थिक अपराध शाखा ने प्रदेश में नागरिक आपूर्ति निगम (नान) के अधिकारियों और कर्मचारियों के 28 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा. इस कार्रवाई में 3.8 करोड़ कैश और भ्रष्टाचार से संबंधित कई दस्तावेज, हार्ड डिस्क और डायरी भी जब्त की गई थी.

आरोप है कि छत्तीसगढ़ में राइस मिलों से लाखों क्विंटल घटिया चावल लिया गया और इसके बदले करोड़ों रुपए की रिश्वतखोरी की गई. इसी तरह नागरिक आपूर्ति निगम के ट्रांसपोर्टेशन में भी भारी घोटाला किया गया. इस मामले में 27 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. जिनमें से 16 के खिलाफ 15 जून 2015 को चार्जशीट पेश किया गया था. जबकि मामले में दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. आलोक शुक्ला और अनिल टूटेजा के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति के लिए केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी गई.

बिलासपुर हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई को रोकने के लिए याचिका दाखिल की गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था.

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