भारत में मर्सिडीज-बेंज कारों और एसयूवी की कीमत अगले महीने से 90,000 रुपये से 5.5 लाख रुपये बढने वाली है । लक्जरी कार निर्माता अपनी बढ़ती इनपुट लागत के प्रभाव को ऑफसेट करने के लिए मूल्य वृद्धी करना चाहता है।

ऑडी भी सितंबर तक इसी तरह की कीमत में वृद्धि पर विचार कर रही है। भारत की लक्जरी कार सेक्टर, जिसने आर्थिक गतिविधियों में मंदी और बढ़ती इनपुट लागतों के कारण 2019 की पहली छमाही में बिक्री में गिरावट देखी, उनको बजट में घोषित करों में वृद्धि से एक और झटका लगा है।

आपको बता दें कि सरकार ने आयातित लक्जरी कारों पर सीमा शुल्क बढ़ा दिया है। विंडस्क्रीन वाइपर, डिफॉस्टर, डिमिस्टर, सीलबंद बीम लैंप यूनिट, विजुअल या साउंड सिग्नलिंग सिस्टम, हॉर्न, इनटेक एयर फिल्टर, ऑयल या पेट्रोल फिल्टर, कैटेलिटिक कन्वर्टर्स, व्हीकल लॉक्स, ग्लास मिरर और घर्षण सामग्री जैसे हिस्सों पर ड्यूटी बढाई गई है।

ऑडी इंडिया के प्रमुख राहिल अंसारी ने बताया कि कंपनी 1 सितंबर से नवीनतम मूल्य वृद्धि पर विचार कर रही है। हालांकि, बिक्री में गिरावट के दबाव के साथ, सभी इस कदम को उठाने में सहज नहीं हैं। बीएमडब्ल्यू इंडिया, जेएलआर इंडिया और वोल्वो इंडिया के प्रवक्ताओं ने कहा कि वाहन की कीमतें बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।

गौरतलब है कि विशेषज्ञों ने कहा कि प्रतिद्वंद्वियों की कीमतों में बढ़ोतरी का जवाब बीएमडब्ल्यू, जेएलआर या वोल्वो पोस्ट अप्रैल 2020 तक के लिए उच्च मूल्य वृद्धि नहीं हो सकता है। मर्सडीज बेंज और ऑडी शायद ही इस मुल्य वृद्धी के प्रतिस्पर्धा के बाजार में स्वयं को खडा रख पाऐं।

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