नवजात को लोरी सुनाकर सुलाना माताओं का शौक होता है। अमरीका की मियानी फ्रोस्ट स्कूल ऑफ म्यूजिक यूनिवर्सिटी के सेहत वैज्ञानिकों की मानें तो बच्चों की खुशमिजाजी के लिए किया गया यह काम माताओं के लिए भी अच्छा है। इससे प्रसव के बाद माताएं जिस नकारात्मक सोच व तनाव से जूझती हैं उनसे ध्यान बंटाने में मदद मिलती है। ‘जर्नल ऑफ म्यूजिक थैरेपी’ में प्रकाशित शोध के मुताबिक बच्चे जब मां की लोरी को ध्यान से सुनकर मुस्कुराते हैं तो माता आत्मिक संतोष महसूस करने के साथ सकारात्मक होती है।

लाेरी के फायदे
– लोरी में एक तरह की कशिश है, जो बच्चे पर जादू की तरह काम करती है। कहते हैं कि मां के द्वारा गाई जाने वाली लोरी बच्चे को मां के और करीब लाती है। कभी आपने भी गौर किया होगा कि बच्चा सबसे अधिक आवाज अपनी मां की पहचानता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लोरी के रूप में जो आवाज वह लगातार सुनता है, धीरे-धीरे वह उससे खुद को जुड़ा हुआ महसूस करने लगता है।

– जानकार कहते हैं कि मां से लोरी सुनकर बच्चे के अंदर डर और खतरों के प्रति प्रतिरोध की भावना पनपती है। जिससे बच्चे का बौद्धिक और भावनात्मक विकास भी होता है।

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