मोनालिसा की पेंटिंग लियोनार्डो दा वेंचि ने बनाया था। लियोनार्डो दा वेंचि का जन्म 15 अप्रैल 1452 ई० को इटली के विंची नामक शहर में हुआ था।

लियोनार्डो दा वेंचि जब 41वर्ष (1503 ई०) के थे तब उन्होंने इस पेंटिंग को बनने की शुरुआत की थी। जब तक यह पेंटिंग पूरी होती लियोनार्डो दा वेंचि का (1519) देहांत हो गया। यह पेंटिंग 1503-1519 तक बनाया गया था। अर्थात इस पेंटिंग को बनने में 16 वर्ष लगे थे।

इस पेंटिंग का नाम वास्तव में MONALISA नहीं है। इस पेंटिंग का नाम MONNA LISA है। इटली में MONNA LISA का अर्थ होता है MY LADY.

पेंटिंग की कुछ महत्वपूर्ण बातें:-

1‌. इस पेंटिंग को किसी कागज पर या प्लास्टिक पर नहीं बनाया गया है बल्कि इसे बनाने के लिए लकड़ी का उपयोग किया गया है जो आज-कल स्केटबोर्ड बनाने में काम आता है।

‌2. मोनालिसा की पेंटिंग को बनाने में जिस पेंट का उपयोग किया गया था, उसकी मोटाई 40 मइक्रोमीटर थी। एक बाल से भी पतला।

3. ‌इस पेंटिंग को दुर से किसी भी कोण से देखने पर मोनालिसा मुस्कुराती हुई दिखाई देती है।

‌4. अलग-अलग कोण से देखने पर मोनालिसा की मुस्कुराहट बदलती रहती है।

5. ‌मोनालिसा की पेंटिंग को नजदीक से सिर्फ होंठों को देखने पर मोनालिसा उदास लगती है।

और भी कई कारण हैं जिससे मोनालिसा की पेंटिंग की इतनी कीमत है। 14 दिसंबर 1962 ई० को इसकी कीमत 100 मिलियन डॉलर (680 करोड़) थी। आज-कल उसकी कीमत 790 मिलियन डॉलर(5,380 करोड़) हो गई है।

कुछ खोजो से पता चला कि पेंटिंग के अंदर तीन परत है जिसमें आम अलग-अलग इंसान चेहरे छुपे है। अर्थात मोनालिसा की पेंटिंग के अंदर अलग इंसान का चेहरा छुपा है। कुछ लोगों ने दावा किया कि मोनालिसा के पेंटिंग के अंदर एलियन छुपा है। पर अभी तक यह पुरी तरह साफ नहीं हुआ है।

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