टैनिंग

धूप से निकलने वाली यूवी यानी अल्ट्रावायलेट किरणें स्किन को बेजान कर देती हैं. धूप में ज्यादा समय बिताने से स्किन में टैनिंग हो जाती है.

बचाव: धूप में निकलने से पहले कम से कम 20 एसपीएफ वाली सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूर करें. यदि आप धूप में ज्यादा वक्त बिताती हैं तो हर 3 घंटे में सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें. अगर स्विमिंग भी करती हैं तो पूल में जाने से पहले सनस्क्रीन जरूर लगाएं. इस से स्किन पर टैनिंग नहीं आएगी. इस के अलावा गौगल्स पहनें, साथ ही हैट भी लगाएं. इन सब का प्रयोग न सिर्फ आप को अट्रैक्टिव बनाएगा, बल्कि स्किन को भी हर समस्या से बचाएगा.

कसे कपड़ों से संक्रमण

आजकल महिलाएं फैशन के चक्कर में कुछ भी पहन लेती हैं, यह सोचे बिना कि जो वे पहन रही हैं कहीं वह उन की स्किन के लिए घातक तो नहीं है. कुछ कपड़े तो ऐसे होते हैं जो स्किन में खुजली पैदा कर देते हैं. ज्यादा कसे और काटने वाले कपड़े पहनने से स्किन में निशान पड़ जाते हैं और कभीकभी तो स्किन कट तक जाती है, जिस से बारबार खुजलाने को मन करता है. यही नहीं ज्यादा देर तक या रोजरोज कसे कपड़े पहनने से स्किन कैंसर होने का भी खतरा रहता है.

बचाव: बाजार में हर मौसम के अनुसार कपड़े मिलते हैं. आप बाजार से फैशनेबल के साथसाथ स्किन फ्रैंडली कपड़ों का चुनाव करें. हलके और आरामदायक फैब्रिक वाले कपड़े पहनें.

रूखी और बेजान स्किन

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त पानी का सेवन जरूरी है. पानी की कमी से स्किन रूखी पड़ जाती है. फिर रूखेपन के कारण उस में दरारें आ जाती हैं जो बैक्टीरिया और फंगस को पनपने का मौका देती हैं. रूखी स्किन बेजान तो दिखती ही है, साथ ही इस में झुर्रियां भी पड़ने लगती हैं.

बचाव: स्किन को रूखेपन से बचाने के लिए दिन में कम से कम 2-3 लिटर पानी का सेवन जरूर करें. जब आप नहा कर आती हैं, तो उस के तुरंत बाद मौइश्चराइजिंग लोशन लगाएं. अगर स्किन ज्यादा रूखी है,तो हर 3-4 घंटे में लोशन लगाएं. स्किन को नरिश करने के लिए नारियल तेल का भी इस्तेमाल कर सकती हैं.

कील मुंहासे

यह सच है कि हारमोंस में बदलाव मुंहासों को न्योता देता है, लेकिन इस के अलावा कई और कारण भी होते हैं, जिन से कीलमुंहासे निकलते हैं. जैसेकि ज्यादा पसीना आना, उमस, तनाव, स्किन को बारबार छूना आदि.

बचाव: बारबार फेस वाश करने से मुंहासे घातक रूप ले लेते हैं, इसलिए ऐसा करने से बचें. साफसफाई के साथसाथ खुद को तनाव से दूर रखें, उमस से बचें और स्किन को बारबार हाथ न लगाएं. यदि मुंहासों की हालत गंभीर है, तो तुरंत डाक्टर से सलाह लें.

स्किन का पीला पड़ना

धूम्रपान से स्किन उम्र से पहले ही बेजान नजर आने लगती है और उस में झुर्रियां भी पड़ जाती हैं. धूम्रपान स्किन की बाहरी परत की नसों को छोटा कर देता है, जिस से रक्त प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता है और स्किन पीली पड़ने लगती है. धूम्रपान स्किन में औक्सीजन और पोषक तत्त्वों को भी प्रभावित करता है, जोकि स्किन के स्वास्थ्य के लिए महत्त्वपूर्ण होते हैं. धूम्रपान से होंठ और आंखें भी काली पड़ने लगती हैं. यही नहीं धूम्रपान से स्किन और शरीर में कैंसर होने का जोखिम भी रहता है.

बचाव: स्किन को स्वस्थ बनाए रखने के लिए तुरंत धूम्रपान बंद कर दें.

स्किन इरिटेशन

जर्म्स, तेल, गंदगी और डैड सैल्स को हटाने के लिए नियमित रूप से फेस वाश करना जरूरी होता है. हालांकि, स्क्रबिंग से स्किन में इरिटेशन हो सकती है, जिस से वह फट जाती है. कई महिलाएं अपनी स्किन को ज्यादा रगड़ कर स्क्रब या फेस वौश करती हैं, जो ठीक नहीं है.

बचाव: जैंटल स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें. चेहरे को माइल्ड क्लींजर और कुनकुने पानी से धो लें. चेहरे की उंगलियों से सर्कुलर मोशन में मसाज करें. साबुन या झाग को पूरी तरह निकालने के लिए चेहरे को पानी से अच्छी तरह धोएं. चेहरे को रगड़ने के बजाय तौलिए से थपथपा कर पोंछें.

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